बजरंग बाण Bajrang Baan
बजरंग बाण के पाठ से न केवल भयंकर शारीरिक पीड़ा और कष्ट, डर, दरिद्रता, भूत-प्रेत बाधाओं से छुटकारा मिल जाता है, बल्कि व्यक्ति की हर भौतिक व सांसारिक कामनाओं की पूर्ति और मनोरथ पूरे होते हैं | अपने इष्ट कार्य की सिद्धि के लिए यह जप सप्ताह में एक दिन मंगलवार को अवश्य करे और निश्चित लाभ उठावे । बजरंग बाण श्रीराम ध्यान अतुलित बलधामं हेमशैलाभदेहं। दनुज वन कृशानुं , ज्ञानिनामग्रगण्यम्।। सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं। रघुपति प्रियभक्तं वातजातं नमामि।। दोहा निश्चय प्रेम प्रतीति ते , विनय करैं सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ , सिद्ध करैं हनुमान।। चौपाई जय हनुमन्त सन्त हितकारी। सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी।। जन के काज विलम्ब न कीजै। आतुर दौरि महा सुख दीजै।। जैसे कूदि सिन्धु वहि पारा। सुरसा बदन पैठि विस्तारा।। आगे जाय लंकिनी रोका। मारेहु लात गई सुर लोका।। जाय विभीषण को सुख दीन्हा। सीता निरखि परम पद लीन्हा।। बाग उजारि सिन्धु मंह बोरा। अति आतुर यम कातर तोरा।। अक्षय कुमार को मारि संहारा। लूम लपेटि लंक को जारा।। लाह समान लंक जरि गई। जै जै धुनि सुर पुर में भई।। अब विलंब केहि ...