संदेश

December, 2012 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं
परशुरामकृतंकालीस्तोत्रम्

परशुरामउवाच
नम: शंकरकान्तायैसारायैतेनमोनम:।
नमोदुर्गतिनाशिन्यैमायायैतेनमोनम:॥
नमोनमोजगद्धायैजगत्कार्यैनमोनम:।
नमोऽस्तुतेजगन्मात्रे